पराग गणना और पूर्वानुमान: Ahmedabad
पराग के बारे में: Ahmedabad
अहमदाबाद में वसंत ऋतु में एलर्जी का मौसम (फरवरी-मई) मुख्य रूप से नीम (Azadirachta indica) के परागकणों से प्रभावित रहता है; ये पेड़ विक्टोरिया गार्डन और लॉ गार्डन में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। साबरमती नदी के किनारों और पश्चिमी बाहरी इलाकों में गांडो बावल (Prosopis juliflora) व्यापक रूप से फैला हुआ है। मानसून के बदलाव के दौरान (अगस्त-अक्टूबर) खाली शहरी भूखंडों से कांग्रेस घास (Parthenium hysterophorus) का स्तर काफी बढ़ जाता है; कांकरिया झील और नदी किनारे के पार्कों के पास घास (Poaceae) की प्रजातियां आम हैं।
अर्ध-शुष्क जलवायु और थार रेगिस्तान से आने वाली धूल भरी हवाएं सूक्ष्म कणों (पार्टिकुलेट मैटर) को रोक लेती हैं; कम आर्द्रता के कारण सपाट मैदानी इलाकों में परागकणों का फैलाव बढ़ जाता है। मानसून के बाद की नमी से फफूंद (Aspergillus, Alternaria) के बीजाणुओं की संख्या में वृद्धि होती है; ये रिवरफ्रंट के पास की नम मिट्टी और परिमल गार्डन में सड़ती वनस्पतियों से उत्पन्न होते हैं।