पराग गणना और पूर्वानुमान: बेंगलुरु
पराग के बारे में: बेंगलुरु
बैंगलोर के शुष्क मौसम (नवंबर-मार्च) में मुख्य रूप से गाजर घास और नीलगिरी की अधिकता रहती है; गाजर घास (Parthenium hysterophorus) खाली भूखंडों और सड़कों के किनारे भारी मात्रा में पाई जाती है; नीलगिरी (Eucalyptus globulus) बन्नेरघट्टा के जंगलों में व्यापक रूप से फैली हुई है। जयनगर और इंदिरानगर की सड़कों के किनारे पीला गुलमोहर (Peltophorum pterocarpum) कतारों में लगा है। गर्मी के मौसम (मार्च-मई) में घास (Poaceae) के परागकणों की मात्रा बढ़ जाती है; कब्बन पार्क और लालबाग बॉटनिकल गार्डन में दूब घास (Cynodon dactylon) बहुतायत में उगती है।
शहर की अधिक ऊंचाई और मध्यम हवाएं परागकणों को दक्कन के पठार तक ले जाती हैं। मानसून (जून-अक्टूबर) के दौरान फफूंद (Aspergillus, Penicillium) के बीजाणुओं की संख्या में वृद्धि देखी जाती है; अल्सूर झील और वृषभावती नदी के पास नमी वाली स्थितियां बनी रहती हैं। घने पेड़ों वाले इलाकों में उच्च आर्द्रता एलर्जेंस को वातावरण में रोक लेती है।