पराग गणना और पूर्वानुमान: Indore
पराग के बारे में: Indore
इंदौर में वसंत ऋतु (फरवरी-अप्रैल) के दौरान एलर्जी का मुख्य कारण गाजर घास और विलायती कीकर हैं; गाजर घास (Parthenium) खान नदी के किनारे और शहरी खाली भूखंडों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है; विलायती कीकर (Prosopis juliflora) रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य और शहर के बाहरी इलाकों में व्यापक रूप से फैला हुआ है। मेघदूत गार्डन और रीजनल पार्क से घास (Poaceae) का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहता है। गर्मियों (अप्रैल-जून) में अरंडी (Ricinus communis) के पराग कणों का स्तर बढ़ जाता है, जो सरस्वती नदी के तटों से उत्पन्न होते हैं।
यातायात और औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले सूक्ष्म कण (पार्टिकुलेट मैटर) और धूल एलर्जी पैदा करने वाले कारकों को सोख सकते हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर इनकी सघनता बढ़ जाती है। मानसून के महीनों (जुलाई-सितंबर) में सिरपुर झील और नम आवासीय वातावरण के कारण फफूंद (Alternaria, Aspergillus) के बीजाणुओं की संख्या में वृद्धि देखी जाती है।