पराग गणना और पूर्वानुमान: फुकुओका
पराग के बारे में: फुकुओका
फुकुओका में वसंत ऋतु का एलर्जी सीजन (फरवरी-मई) मुख्य रूप से देवदार और सरू के पराग कणों से प्रभावित रहता है; जापानी देवदार (Cryptomeria japonica) सेफुरी पर्वतमाला और सवारा-कू के जंगलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है; जापानी सरू (Chamaecyparis obtusa) पहाड़ी ढलानों पर बने बागानों में व्यापक रूप से फैला हुआ है। ग्रीष्म ऋतु और शुरुआती शरद ऋतु (अगस्त-अक्टूबर) के दौरान ऑर्चर्ड घास (Dactylis glomerata) और नागदौना (Artemisia) का स्तर काफी बढ़ जाता है, जो मुरोमी नदी और ओहोरी पार्क के क्षेत्रों से उत्पन्न होते हैं। हकाता खाड़ी के पास के खुले स्थानों से निकलने वाला रैगवीड (Ambrosia) भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान देता है।
सेफुरी पर्वत श्रृंखला हवा के साथ उड़कर आने वाले पराग कणों को तटीय मैदानी इलाकों के ऊपर रोक लेती है; इसके अलावा, मुख्य भूमि एशिया से आने वाली मौसमी पीली धूल अक्सर अतिरिक्त उत्तेजक कारकों को साथ लाती है। गर्मी और शरद ऋतु में फफूंद (Alternaria, Cladosporium) के बीजाणुओं (spores) की संख्या में वृद्धि देखी जाती है, जो माइज़ुरु पार्क में सड़ने वाले पत्तों के ढेर और नम शहरी वातावरण से पैदा होते हैं।